Friday, January 30, 2015

यह छोटा सा दिखनेवाला छिद्र कही राष्ट्रविरोधी तत्वों का घातक हथियार न बन जाए

दिल्ली चुनाओं के मतदान होने में कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन एक सामाजिक संस्था के सर्वे में यह खुलासा किया गया है कि मतदाता सूची में दर्ज करीब 22 प्रतिशत मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्रों से गायब हैं. दिल्ली में एक करोड़ 30 लाख 85 हजार मतदाता हैं, जिसमें करीब 42.5 लाख मतदाताओं के नामों को मतदाता सूची से निकाले जाने की आवश्यकता है, क्योंकि ये सूची में दर्ज पते पर नहीं मिले हैं. अगर सर्वे के निष्कर्षों पर विश्वाश किया जाये तो लोकतंत्र के महापर्व में यह घटना कई आशंकाएं उत्पन्न करती है. निर्वाचन आयोग के द्वारा चुनावों के पूर्व इसकी जांच नहीं होती है क्या? क्या निर्वाचन आयोग के पास इस बात को सुनिश्चित करने का कोई कारगर तंत्र है कि इतनी बड़ी तादाद में अतिरिक्त मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में कैसे खोजा जाए और उन्हें कैसे हटाया जाए.
विगत चुनाओं में पार्टियां चुनावों में धांधली की बात लगातार करती रही हैं तथा निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत भी करती रही हैं. उन शिकायतों के मद्देनज़र चुनावों में धांधली रोकने तथा निष्पक्ष चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग लगातार नयी तथा कारगर कार्ययोजनाएं क्रियान्वित करता रहा है. परन्तु, विगत के लगभग सभी चुनाओं में वोगस मतदाताओं की शिकायत अब भी दूर हुई नहीं दिखती है. जहाँ मतदान का प्रतिशत ही 70 के लगभग हो वहां 22 प्रतिशत अवास्तविक  मतदाताओं का मत कितनी भारी उलटफेर कर सकता है , इसका अनुमान लगाना कुछ भी मुश्किल नहीं
पहले राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाताओं को पर्चियां देते और मतदान करने का आग्रह करते थे. हर प्रमुख पार्टियों को गायब लोगों के नाम मालूम होते थे तथा उनके पोलिंग एजेंट उन नामों पर नज़र गड़ाए रहते थे. फर्जी मतदाताओं के नाम पर वोट डालने के तमाम प्रयास बहुत हद तक विफल भी हो जाते थे क्योंकि सभी बूथ-एजेंट इन नामों को जानते थे. फिर भी दबंगों के द्वारा लगभग हर चुनाओं में इनका भरपूर इस्तेमाल होता था. चुनाओं में स्थानीय मसल पावर के प्रभाव की अनदेखी नहीं की जा सकती. निर्वाचन आयोग की तमाम कोशिशों के बावजूद  बाहुबली अपराधी सदन में पहुँचते रहें हैं. और अगर सर्वे की रिपोर्ट सही है, तो यह लोकतंत्र के लिए कितना घातक होगा, समझना मुश्किल नहीं है
एक प्रभावी लोकतंत्र के विशाल जहाज में यह छोटा सा दिखनेवाला छिद्र कही राष्ट्रविरोधी तत्वों का घातक हथियार बन जाए, इसे सुनिश्चित करने की आवश्यकता है.             

No comments:

Post a Comment