आज आसन्न सीरियाई संकट और
बासी हो चुके किन्तु अन्य खबरो पर टीआरपी में भारी पड़ रहे आसाराम-प्रकरण
के बावजूद चार खबरें ध्यान आकर्षित कर रही हैं...पहली खबर पर गुजरात के डी आई जी
बंजारा की हाई वोल्टेज चिट्ठी और भाजपा नेताओं पर किया गया तथाकथित स्टिंग ऑपरेशन है,
जिसे अबतक छुपाने और तथाकथित अपराधियों को कानून के खिलाफ सहयोग देने के आरोप में कोई
गिरफ्तारी होती है या नहीं-- यह देखना काफी दिलचस्प होगा क्योंकि स्टिंग-सीडी निर्माता–निर्देशक....
सालभर सीडी (यदि सीडी असली है) दबाए रखा अथवा सीडी फर्जी है--इन दोनों मामलों में शासन
और कानून दोनों के अपराधी हैं ...... वैसे भी जेल में ट्रायल और न्याय की अंतहीन-सी
प्रतीक्षा में अकुलाए बंजारा और अन्य पुलिसकर्मियों को वादामाफी की बात से बरगलाकर
अपना उल्लू सीधा करने का संदेह तब विश्वास में बदल जाता है जब सीडी जारी करने और बंजारा की दस पेजी
चिट्ठी लिखने का मुहूर्त कांग्रेसी पंडितों ने एक ही समय पर तय किया।
दूसरी खबर सांवैधानिक
संस्थाओं के प्रति कांग्रेसीनिष्ठा (जिसे परिभाषित करना अत्यन्त दुष्कर है) की झलक
दिखलाती है। श्री लालकृष्ण आडवाणी के भाजपा द्वारा तथाकथित अपमान, एक वरिष्ठतम
राजनीतिज्ञ की पार्टी द्वारा उपेक्षा और घर के बुजुर्ग को उद्धत, अहंकारी तथा
स्वार्थलोलुप कल के आए छोकरों के द्वारा तिरष्कृत करने पर वुफ्-वुफ् करने वाले
कांग्रेसी पट्टाधारियों को सदन में यह तक याद नहीं रहा कि सदन में विपक्ष के नेता हाथ
जोड़े कुछ बोलने की इजाजत माँग रहे हैं और सदन स्थगित कर दी जाती है तथा पीएम सदन
छोड़कर चले जाते हैं.....इसे कहते हैं संसदीय परम्परा के प्रति सम्मान प्रदर्शित
करने की कांग्रेसी शैली....
तीसरी खबर हास्य का अनूठा
उदाहरण है (आप भले मर्माहत हो जाएँ) मुलायम सिंह की अनमोल वाणी । वह कहते हैं कि कथनी
और करनी में अंतर नहीं होना चाहिए। पर उपदेश कुशल बहुतेरे.... निराला की पंक्तियाँ....लाज
लजाती जिसकी कृति से धृति उपदेशक वह है...क्या इसी उक्ति को भाँपकर लिखी गई थीं!
और अंत में आज 4.8.2013 के दैनिक
सहारा में छपी एक खबर जो आम जनता के लिए वज्रपात सरीखी किन्तु मीडियाए लोगों के
लिए उपेक्षणीय है—प्रति डॉलर रुपया 72 तक हो सकता है। साफ है कि उसपर ध्यान देना
या दिलाना लोकतंत्र का यह महान स्तम्भ अपनी हेठी समझता है... उसकी दृष्टि में न तो
इस खबर की कोई अहमियत है और न ही टीआरपी वैल्यू...... उन्हें तो राष्ट्रहित में
दुबराने के लिए दो ही खबर काफी है...आसाराम को मक्खियों-मच्छरो ने रातभर परेशान
किया. आसाराम की जमानत याचिका पर विचार कल... तथा घर और बाहर दोनों जगह घिरे
मोदी...
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